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हमारे बारे में

ज्ञानं ज्ञाने प्रतिष्ठितम्।

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महाविद्यालय का परिचय

श्री ज्ञानोदय दिगम्बर जैन  सिद्धांत महाविद्यालय

श्री ज्ञानोदय दिगंबर जैन धार्मिक संस्थान एक महत्वपूर्ण धार्मिक संस्थान है, जिसकी स्थापना जैन धर्म की शिक्षा का संरक्षण और प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से की गई है। इस का उद्घाटन 8 जुलाई 2018 को हुआ था।

इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को धार्मिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करना है, ताकि वे जीवन में सही मार्ग पर चल सकें। यह न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और जैन दर्शन का भी एक प्रमुख स्थान है।

यहां विद्यार्थियों को सरल, सहज और धार्मिक शिक्षा दी जाती है, जिससे उन्हें धर्म और जीवन की अच्छी शिक्षा मिल सके।

छात्रों के मुख्य नौकरियाँ

छात्रों के लिए हवादार और रोशनी से भरपूर मांगें उपलब्ध हैं।

सुविधा  : स्मार्ट क्लास, लइब्रेरी, कंप्यूटर रूम कॉलेज बुक्स ।

: दर्शन एवं शौचालयों की दैनिक सफाई । 

इंटरनेट: हाई-साइट वाई-फाई की सुविधा।

वार्डन 24/7 सुरक्षित देख रेख और अनुशासन का पालन।

24/7 क्लासिक कैमरे।

शाम को 6:00 के बाद हॉस्टल से बाहर जाना माना है।

अनुशासित : सभी छात्रों को कक्षा के अनुशासित एवं समय सारणी के प्रशिक्षण से शिक्षा देना अनिवार्य है।

भोजन पर प्रतिबंध   : प्रमाणित में केवल शुद्ध शाकाहारी और सात भोजन  ही मान्य है। अभक्ष्य भोजन और बाहर का अभक्ष्य भोजन पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

समय सीमा : रात में गेट बंद होने का समय निर्धारित होता है (जैसे रात 9:00 बजे), उसके बाद आना-जाना बंद हो जाता है।

साफ-सफाई   : विद्यार्थियों को अपने कमरे और आसपास के परिसर में साफ-सुथरा रखना होगा। गंदगी होने पर कार्रवाई की जाएगी।

नशा निषेध : किसी भी प्रकार का नशा, बीड़ी, सिगरेट या तंबाकू जैसे आमा्दित द्रव्यों का सेवन वर्जित है। दोषी पेाए जाने पर तुरंत निष्कासन किया जा सकता है।

शांति बनाए रखें   : स्वाध्याय के समय और रात्रि विश्राम के समय शोर मचाना या तेज आवाज में मोबाइल/म्यूजिक चलाना मना है।

अतिथि नियम : वार्ड रूम में किसी भी बाहरी व्यक्ति या मित्र को प्रवेश की अनुमति नहीं है।

🎓 प्रवेश एवं अध्ययन व्यवस्था

कॉलेज में 11वीं कक्षा में छात्र-विद्यार्थियों का प्रवेश होता है। प्रवेश प्रक्रिया में योग्यता का आधार होता है, जिसमें छात्रों की योग्यता और उनकी रुचि पर ध्यान दिया जाताहै। यहां लगभग 5 वर्षों का अध्ययन कार्यक्रम निर्धारित है। प्रत्येक कक्षा में सीमित संख्या में विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी ध्यान केंद्रित कर सके। वर्तमान में कई छात्र अध्ययनरत हैं और उनकी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है।

-छात्रावास-

🏫शैक्षणिक संरचना

महाविद्यालय में जैन सिद्धांत, धर्म, दर्शन और संस्कृत जैसे विषयों का अध्ययन क्रराया जाता है। यहां का शिक्षण राक्षस शांत, अनुशासित और आध्यात्मिक है, जो छात्रों को पढ़ाई में एकाग्रता प्रदान करता है। इंटर्नशिप कोस्टार्ट परामर्श का निर्देश प्राप्त होता है, जो छात्रों को केवल पुस्तक ज्ञान नहीं देते हैं, बल्कि जीवन के नैतिक सिद्धांतों की भी शिक्षा देते हैं।

. कॉलेज 


केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर 
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (पूर्व में राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान) 
दुनिया का सबसे बड़ा बहु-परिसर (multi-campus) भाषा विश्वविद्यालय है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। यह भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करता है। संसद के एक अधिनियम द्वारा 30 अप्रैल 2020 को इसे पूर्ण केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया था।
प्रमुख शैक्षणिक कार्यक्रमप्रवेश प्रक्रिया CUET (UG/PG) और Non-CUET दोनों माध्यमों से समर्थ एडमिशन पोर्टल द्वारा होती है
:प्राक्-शास्त्री: इंटरमीडिएट / कक्षा 11वीं और 12वीं के समकक्ष।
शास्त्री और शास्त्री प्रतिष्ठा: स्नातक (Bachelor's Degree) कोर्स।
आचार्य: स्नातकोत्तर (Master's Degree) कोर्स।
शिक्षा शास्त्री (B.Ed.) और शिक्षा आचार्य (M.Ed.): संस्कृत शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स।
विद्यावारिधि: पीएच.डी. (Ph.D.) शोध कार्यक्रम।दूरस्थ शिक्षा: मुक्त स्वाध्याय पीठम के माध्यम से 150 से अधिक सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स।

कॉलेज कंप्यूटर क्लास 

     🎭सांस्कृतिक आश्रम। 

 विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ विभिन्न आश्रमों का भी आयोजन किया जाता है 🎉, जैसे-

🗣️ गोष्ठी

🏆प्रतियोगिताएँ

🎭 नाटक

🎤 गायन एवं अभिनय

🗣️ गोष्ठी

🏃‍♂



ज्ञानोदय स्मार्टक्लास

🎭 नाटक